डिकेन/ जबलपुर - (संजय जैन) मातृ दिवस के पावन अवसर पर संस्कारधानी जबलपुर में सेवा और संवेदना का एक अनूठा संगम देखने को मिला। अंतर्राष्ट्रीय मानव मिलन संस्था द्वारा ज्ञानदीप स्पर्श ब्लाइंड स्कूल में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ नेत्रहीन बालिकाओं के साथ खुशियाँ साझा कर इस दिन को यादगार बनाया गया। माँ 'जगत जननी' और त्याग की प्रतिमूर्ति मयूर सिंघवी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था के अध्यक्ष मयूर सिंघवी ने दुनिया की समस्त माताओं को नमन किया। उन्होंने कहा, "माँ केवल एक शब्द नहीं, बल्कि 'जगत जननी' है। उनके त्याग, निस्वार्थ प्रेम और पालन-पोषण के बिना राष्ट्र निर्माण की कल्पना भी असंभव है।" उन्होंने स्कूल की बालिकाओं की प्रतिभा को देख उन्हें देश का भविष्य और राष्ट्र निर्माता बताते हुए उनकी जमकर सराहना की। "सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समाँ" इस अवसर पर नेत्रहीन बालिकाओं ने एक से बढ़कर एक भावपूर्ण भजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी, जिसने उपस्थित जनों को भाव-विभोर कर दिया। संस्था के पदाधिकारियों ने बालिकाओं को उपहार वितरित किए और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। "मानवता को समर्पित संस्था के कार्य" मयूर सिंघवी ने बताया कि राष्ट्र संत डॉ. मणिभद्र मुनि की प्रेरणा से संचालित यह संस्था बिना किसी संप्रदायवाद के शिक्षा, चिकित्सा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। संस्था विशेष रूप से जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य सेवाओं में सहयोग प्रदान कर रही है। "गरिमामयी उपस्थिति"- इस भावनात्मक आयोजन में मुख्य रूप से सुशीला सिंह (पूर्व महापौर) शेरू पाल (पूर्व पार्षद) कोमल जैन, निर्मल चोपड़ा, यमेश चौधरी, रोहित रजक सहित संस्था के अनेक पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने बालिकाओं के साहस और जज्बे को नमन करते हुए समाज से इन बच्चों के सहयोग के लिए आगे आने की अपील की।