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शुद्ध पेयजल से समझौता नहीं, हरकत में आया प्रशासन, आरओ प्लांट पर जीरन सीएमओ की 'सर्जिकल स्ट्राइक' गंदगी मिली तो खैर नहीं सैंपल जाँच हेतु भेजे लैब

जीरन - नगर के नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी विकास डावर ने शुक्रवार को सक्रियता दिखाई उन्होंने कल्याणपुरा स्थित भागीरथी गंगा और लोहिया नगर स्थित शिवना बर्फ फैक्ट्री एवं आरओ वाटर केन सप्लाई प्लांट का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान प्लांट की कार्यप्रणाली में कई बिंदुओं पर बारीकी से जांच की गई। मशीनों से लेकर पैकिंग तक... हर कोने की पड़ताल निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने न केवल मशीनों की तकनीकी स्थिति देखी, बल्कि उस स्थान का भी मुआयना किया जहां केन की पैकिंग होती है। उन्होंने पाया कि कई जगह स्वच्छता के मानकों को और बेहतर करने की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पानी की केन सिर्फ ठंडी नहीं, बल्कि पूरी तरह बैक्टीरिया मुक्त और मानक स्तर की होनी चाहिए। "लैब रिपोर्ट तय करेगी प्लांट का भविष्य"- अधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों की उपस्थिति में पानी के सैंपल सील करवाए और उन्हें तत्काल परीक्षण हेतु लैब भेजा। जिसका उद्देश्य पानी में टीडीएस का स्तर और अन्य हानिकारक तत्वों की मौजूदगी की जांच करना है। सीएमओ ने कड़े शब्दों में कहा कि यदि लैब रिपोर्ट में पानी पीने योग्य नहीं पाया गया या मानकों में गड़बड़ी मिली, तो प्लांट पर तत्काल प्रभाव से जुर्माना या तालाबंदी जैसी कार्रवाई की जा सकती है संचालकों को सीएमओ का अल्टीमेटम नगरवासियों का स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जल ही जीवन है, लेकिन यदि वह दूषित हो तो जानलेवा भी हो सकता है। "सभी प्लांट संचालक नियमित रूप से मशीनों का मेंटेनेंस कराएं और स्टोरेज टैंकों की सफाई का रिकॉर्ड रखें। लापरवाही मिलने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा।" — विकास डावर, सीएमओ, जीरन

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