जबलपुर - समाज सेवा और राष्ट्रहित के संकल्प के साथ अंतर्राष्ट्रीय मानव मिलन संस्था के जबलपुर संभाग का आज विधिवत शुभारंभ किया गया। संस्था के संस्थापक, नेपाल केसरी राष्ट्रसंत मुनिश्री मणिभद्र मुनि जी महाराज के आशीर्वाद से आयोजित इस कार्यक्रम में सेवा और समर्पण की अनूठी मिसाल देखने को मिली। सेवा कार्यों से हुई शुरुआत: 'सुदामा थाली' और राहत सामग्री का वितरण संस्था ने अपने सफर की शुरुआत पीड़ित मानवता की सेवा से की। इस पावन अवसर पर अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों के लिए 'सुदामा थाली' के माध्यम से निशुल्क भोजन की व्यवस्था की गई। परिजनों को प्रेमपूर्वक हलवा-पूरी, छोले की सब्जी, दाल-चावल और ठंडक प्रदान करने वाली लस्सी वितरित की गई। इसके साथ ही, वर्तमान में जारी भीषण गर्मी को देखते हुए मानवतावादी दृष्टिकोण अपनाते हुए जरूरतमंद बच्चों, महिलाओं और पुरुषों को नई चप्पलें प्रदान की गईं, ताकि तपती धूप में उन्हें राहत मिल सके। संस्था का ध्येय: राष्ट्रहित और सेवा कार्यक्रम के दौरान संस्था के पदाधिकारियों ने यह संकल्प लिया कि वे मुनिश्री के मार्गदर्शन में निरंतर सेवा कार्य जारी रखेंगे। संस्था के मुख्य उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि अंतर्राष्ट्रीय मानव मिलन संस्था का प्राथमिक लक्ष्य चिकित्सा, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करना है। 'राष्ट्रहित सर्वोपरि' के सिद्धांत पर चलते हुए यह अंतरराष्ट्रीय समिति अब जबलपुर संभाग में भी सक्रिय रूप से इन क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देगी। इनका रहा विशेष सहयोग इस गरिमामय शुभारंभ में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों का मार्गदर्शन और सहयोग प्राप्त हुआ, जिनमें प्रमुख हैं: हर्ष कुमार जी मूनोथ (राष्ट्रीय अध्यक्ष) अभय जी कोटेचा (महामंत्री) प्रमोद चौरडिया (जयपुर) कुसुम जी जैन (राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष) मंजू जी चोपड़ा (पुणे) सरिता शर्मा (नेपाल) स्थानीय टीम की सक्रिय भागीदारी जबलपुर में इस सेवा अभियान को सफल बनाने में स्थानीय टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान जबलपुर संभाग के अध्यक्ष मयूर संघवी, महामंत्री गौतम जी बोथरा, उपाध्यक्ष तपस्वी लालजी बाघमार, और मांगीलाल जी चोपड़ा सहित अन्य सदस्य सक्रिय रूप से उपस्थित रहे। संस्था के इस कदम की शहरवासियों ने सराहना की है, और उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में जबलपुर के स्वास्थ्य और पर्यावरण के क्षेत्र में संस्था के माध्यम से सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।