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रामपुरा थाना परिसर में ‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान के तहत साइबर सुरक्षा कार्यशाला आयोजित, ठगी से बचाव के बताए प्रभावी उपाय

रामपुरा - (मुकेश राठौर) मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार प्रदेशभर में संचालित "सेफ क्लिक 2.0" साइबर सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान के अंतर्गत बुधवार को थाना रामपुरा परिसर में साइबर अपराधों की रोकथाम एवं आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने नागरिकों को साइबर अपराधों के नए-नए तरीकों से अवगत कराते हुए उनसे बचाव के प्रभावी उपाय बताए। यह अभियान पुलिस मुख्यालय द्वारा 24 जून से 8 जुलाई 2026 तक प्रदेशभर में संचालित किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमलता अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले के सभी थाना एवं चौकी क्षेत्रों में लगातार साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। रामपुरा थाना परिसर में आयोजित कार्यक्रम में थाना प्रभारी विपिन मसिह, तहसीलदार मृगेंद्र सिसोदिया सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए डिजिटल दुनिया में सतर्क रहने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी डिजिटल अरेस्ट, फर्जी इन्वेस्टमेंट एप, एपीके फाइल के माध्यम से व्हाट्सएप हैकिंग, फर्जी कैशबैक एवं रिफंड ऑफर, फेक कॉल, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, ऑनलाइन जॉब स्कैम, मैट्रिमोनियल वेबसाइट फ्रॉड, बैंकिंग एवं पेंशन संबंधी धोखाधड़ी जैसे अनेक तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ऐसे अपराधों से बचने के लिए नागरिकों को किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, अपनी बैंकिंग एवं व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने, मजबूत पासवर्ड का उपयोग करने तथा संदिग्ध कॉल, ई-मेल एवं संदेशों से सतर्क रहने की सलाह दी गई। कार्यक्रम में सोशल मीडिया और इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन लेन-देन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों तथा साइबर सुरक्षा के मूलभूत नियमों की विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है और प्रत्येक नागरिक की सतर्कता ही सुरक्षित डिजिटल समाज की आधारशिला है। इस अवसर पर उपस्थित नागरिकों को साइबर सुरक्षा की शपथ भी दिलाई गई तथा साइबर जागरूकता संबंधी पंपलेट वितरित किए गए। साथ ही लोगों को बताया गया कि यदि किसी के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी या साइबर अपराध की घटना होती है तो वह तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराए अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत कर समय रहते अपनी राशि और जानकारी को सुरक्षित रख सकता है। कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करें, ताकि समाज को डिजिटल ठगी से सुरक्षित रखा जा सके।

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