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कमजोर एवं अनिश्चित मानसून की आशंका के दृष्टिगत खरीफ 2026 के लिए व्यापक तैयारी की विशेष जरुरत- डॉ. पचौरी

जनकपुर / नीमच - ( बृजगोपाल पाटीदार) मानसून कृषि असामान्य स्थिति में किसानो की उहापोह की स्थिति में कृषि विज्ञान केंद्र नीमच के वैज्ञानिक ने बताया कि मानसून की सामान्य स्थिति की दशा में जिले में सोयाबीन का अपेक्षित रकबा 1 लाख 20 हजार हेक्टेयर, मक्का 30 हजार हेक्टेयर तथा मूगफली 22 हजार हेक्टेयर होने की संभावना है। परन्तु अचानक कमजोर एवं अनिश्चित मानसून की आशंका में खरीफ 2026 के लिए व्यापक तैयारी की विशेष जरुरत है। किसानों को बीज, उर्वरक और चारे की अग्रिम व्यवस्था करने की आवश्यकता है। किसानों भाइयों को चाहिए अल नीनो और कमजोर तथा अनिश्चित मानसून की संभावित स्थिति को देखते हुए किसानों को खरीफ सीजन के लिए अपनी तैयारियों का सुनियोजित प्रबंधन की जरूरत है। मानसून सामान्य से काफी देरी से चल रहा है और अब तक लगभग 43 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है । मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 2 जुलाई तक के सप्ताह में भी बारिश कमजोर रहने की संभावना है। इसका सीधा मतलब है कि खरीफ की फसलों पर प्रभाव पड़ सकता है। खासकर उन क्षेत्रों में, जहाँ खेती पूरी तरह मानसून पर निर्भर है. जिला कृषि आकस्मिकता योजना के आधार पर जिले की जलवायु, फसल पैटर्न, जल संसाधन और जोखिम को ध्यान में रखकर फसलों का चयन करें साथ ही जहां कम वर्षा की स्थिति बनती है वहां वैकल्पिक फसले जैसे उड़द, मूंग जैसी फसले लगाए यानि फसल बदलाव की रणनीति तैयार रखें। फसल रणनीति - कम अवधि, कम पानी और विविधीकरण इस दिशा में कम अवधि में पकने वाली और कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली फसल और किस्मों को बढ़ावा दिया जाए. किसान फसल विविधीकरण अपनाएं, ताकि केवल एक फसल पर निर्भरता कम हो और जोखिम कई फसलों में बँट जाए. इंटर‑क्रॉपिंग और मिश्रित खेती को प्रोत्साहन दें।

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