जनकपुर - (बृज नेहरू पाटीदार) जावद क्षेत्र को विधायक और मंत्री देने वाला एक गांव आज क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का शिकार बना हुआ है, गांव में आज स्व. बद्रीलाल जी भाटखेड़ीवाले की धर्मपत्नी जगदीश जी ढाकनिया के सासुजी व महेश के नानीजी श्रीमती मोड़ीबाई की अंतिम यात्रा निजी निवास देवनारायण मंदिर के पीछे से निकल कर चारभुजा नाथ मंदिर विश्राम उपरांत जैसे ही गांव के बाहर मुक्ति धाम मार्ग से गुजरी तो शोकाकुल परिवार को पानी भरे व फीसलन भरे रास्ते पर गुजरने को मजबूर होना पड़ा उक्त जानकारी ईश्वर लाल भूत व राकेश सागीत्रा ने बताया कि वर्षों से मुक्ति धाम का यही मार्ग नियत है। वर्षा ऋतु आते ही इस मार्ग में जलभराव शुरू हो जाता हैं। नतीजतन बारिश के बहते हुए पानी में बहकर आए कांटे और फिसलन हो जाने से दिवगंत के पार्थिव शरीर को हिचकोले खाते मुक्ति धाम तक पहुंचाने को मजबूर होना पड़ता हैं। जीतेंद्र सागीत्रा ने कहा कि मुक्ति धाम पर लकड़ी रखने की व्यवस्था नहीं होने से बारिश में लकड़ी गिली होने की स्थिति भी बनते देखी गई है। कैलाश ढाकनीया , सुशील , विक्रम, देवेन्द्र ने बहुत ही भारी मन से बताया कि जीवन के अंतिम सफर में भी सम्मानजनक राह नहीं मिलना बेहद दुखद है। गांव वासियों ने अनुरोध किया है कि इस मार्ग पर हो रही जलभराव की समस्या का शीघ्र निराकरण हो। इस विषय में गांव के सरपंच किशोर पाटीदार से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि ग्राम जनकपुर मार्ग पानोली मार्ग से जोड़ने की रखी मांग लंबित होने से ऐसी स्थिति बनती है। ग्राम वासियों ने क्षेत्र के विधायक तथा प्रशासन से पुनः इस बाबत स्मरण कराया जा रहा है अति शीघ्र उक्त मार्ग को सुव्यवस्थित करवाया जाए ताकि आमजन को इस प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।