जीरन - डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहाँ ऑनलाइन ट्रांजेक्शन आसान हुए हैं, वहीं ठगों ने भी ठगी के नए-नए तरीके ईजाद कर लिए हैं। शुक्रवार, 30 जनवरी को जीरन के एक स्कूल संचालक की सूझबूझ से हजारों की ठगी होने से बच गई, ठग ने बेहद शातिर तरीके से 'फेक मैसेज' के जरिए जाल बिछाया था, लेकिन बैंक बैलेंस चेक करने की एक छोटी सी सावधानी ने उसका खेल बिगाड़ दिया, घटना टैलेंट एकेडमी हायर सेकेंडरी स्कूल जीरन की है, स्कूल संचालक पंकज चौधरी को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को एक अभिभावक बताया और बड़ी ही होशियारी से स्कूल और संचालक का नाम लेते हुए कहा कि उसे 'दिव्यांश' नाम के छात्र की फीस जमा करनी है। *ठग का काम करने का तरीका*ठग ने सबसे पहले संचालक के यूपीआई नंबर पर 5 रुपये ट्रांसफर किए, जो वास्तव में अकाउंट में क्रेडिट हुए। इससे संचालक को लगा कि सामने वाला व्यक्ति सही है। इसके तुरंत बाद ठग ने एक फर्जी मैसेज तैयार कर भेजा, जिसमें 30,000 रुपये क्रेडिट होने की बात लिखी थी। मैसेज भेजने के तुरंत बाद ठग ने कॉल कर अफसोस जताया और कहा, "सर, गलती से मुझे 3,000 रुपये भेजने थे, लेकिन 30,000 रुपये चले गए हैं। कृपया मेरे परिवार में समस्या है, आप बाकी के 27,000 रुपये मेरे बताए नंबर पर वापस ट्रांसफर कर दीजिए। सतर्कता से बचा नुकसान पंकज चौधरी को शक हुआ और उन्होंने तुरंत अपना अकाउंट बैलेंस चेक किया। जांच करने पर पता चला कि सिर्फ पहले भेजे गए 5 रुपये ही खाते में आए थे, जबकि 30,000 रुपये का कोई ट्रांजेक्शन हुआ ही नहीं था। ठग द्वारा भेजा गया मैसेज बैंक का नहीं, बल्कि एक साधारण 'फेक टेक्स्ट मैसेज' था। जब स्कूल रिकॉर्ड में 'दिव्यांश' नाम के छात्र की तलाश की गई, तो वह भी फर्जी निकला। संचालक ने तुरंत कॉल डिस्कनेक्ट कर नंबर ब्लॉक कर दिया। इनका कहना -"ऑनलाइन पेमेंट के समय किसी भी मैसेज पर भरोसा करने के बजाय हमेशा अपना बैंक बैलेंस या स्टेटमेंट चेक करें। स्कैमर्स अक्सर जल्दबाजी और गलती का बहाना बनाकर आपको पैनिक करने की कोशिश करते हैं। — "पंकज चौधरी, संचालक, टैलेंट एकेडमी" जीरन इस तरह के स्कैम से कैसे बचें? • *मैसेज नहीं, बैलेंस देखें* :- किसी के कहने पर या मैसेज देखकर यह न मानें कि पैसे आ गए हैं। हमेशा अपने बैंकिंग ऐप में जाकर 'एक्चुअल बैलेंस' चेक करें। जल्दबाजी न करें:- स्कैमर आपको यह कहकर डराएगा कि उससे गलती हो गई है या वह मुसीबत में है। शांति से सोचें और वेरिफिकेशन करें। अनजान नंबरों से सावधान:- यदि कोई अनजान व्यक्ति आपसे पैसे वापस करने (Refund) की मांग करे, तो बिना जांचे एक रुपया भी न भेजें।