नीमच - नीमच शहर में बुधवार को श्री सांवलिया सेठ पैदल यात्रा शुरू हुई, जो आज पांच फरवरी दोपहर बाद चित्तोडगढ जिले के मंफडिया धाम पर पहुंचेगी। पैदल यात्रा में भक्ति की ऐसी सुनामी आई कि हर वर्ग सांवरामय हो गया। पैदल यात्रा में आस्था का सैलाब ऐसा उमडा कि सांवरिया सेठ पहुंच मार्ग वाले रास्ते भी छोटे पड गए। युवा समाजसेवी अरूल अशोक अरोरा का धर्म के प्रति लगाव ने इस वर्ष इतिहास रच दिया। महिलाओं से लेकर बडे बुजुर्ग सभी इस पैदल यात्रा में सांवलिया सेठ के जयकारें लगाते हुए चल रहे थे। एक तरफ जयकारों की गूंज नजर आई तो दूसरी तरफ सांवरा सेठ के भक्तों का स्वागत करने के लिए लोग इंतजार करते हुए नजर आएं। दिव्य रथ पर सवार होकर सांवलिया सेठ भक्तों को आशीर्वाद देते हुए चल रहे थें। आयोजक अरूल अरोरा और श्री सांवलिया मित्र मंडल की व्यवस्थाओं से आम भक्तजन गदगद दिखाई दिए। चाय पानी से लेकर भोजन और चिकित्सकों की टीम यात्रा के साथ चल रही है। नीमच शहर के लायंस चौराहे पर बुधवार सुबह करीब साढे दस बजे पैदल यात्रा की शुरूआत हुई। पैदल यात्रा में फूलों श्रृंगारित रथ में श्री सांवरा सेठ की प्रतिमा विराजित की गई। दिव्य रथ में विराजित श्री सांवलिया सेठ की विद्वान प्रकांड पंडित आचार्य विक्रम शर्मा शास्त्री द्वारा विधि विधान से अलसुबह पूजा अर्चना करवाई गई। जिसमें समाजसेवी अरूल अशोक गंगानगर में शामिल हुए। जब तक हजारों लोग पैदल यात्रा में जुड चुके थे। शहर के लायंस पार्क से डीजे की धुन और बैंड बाजों के साथ पैदल यात्रा की शुरूआत हुई। शहर के गोमोबाई रोड, कलेक्ट्रेट चौराहे, डूंगलावदा, कनावटी, जावद फंटा, सगराना, घंसूडी चौराहे, नयागांव सहित 100 से अधिक जगहों पर पैदल यात्रा का स्वागत किया गया। कहीं पर फूलों की बारिश हुई तो कहीं पर फलियानी और पानी की बोतल, ज्यूस की बोतल भक्तों को दी गई। देर रात निम्बाहेडा कृषि उपज मंडी पर यात्रा पहुंची। प्रसिद्ध गायक छोटूसिंह राणवा की भजन संध्या का आयोजन रखा गया है। गुरूवार पांच फरवरी चाय के साथ यात्रा निम्बाहेडा से प्रस्थान करेगी, जो दोपहर तक मंडफिया धाम पहुंचेगी। पिछले वर्ष की तुलना में डेढ गुना भीड— श्री सांवलिया सेठ की पैदल यात्रा अब उत्सव का रूप ले चुकी है। पूरे साल तक भक्त इसी यात्रा का इंतजार करते है। यात्रा का इस वर्ष दूसरा साल था। पिछले वर्ष की तुलना में डेढ गुना भीड इस यात्रा में उमडी। करीब पांच से सात हजार लोग पैदल यात्रा में शामिल होने का अनुमान है। 4 फरवरी 2024 को धर्म की हस्ती मिटाने का षडयंत्र हुआ था, उसी दिन धर्म की ध्वजा फहराने के लिए पैदल यात्रा की शुरूआत हुई— आपराधिक षडयंत्र पर भारी पडी आध्यात्म और आस्था की ताकत मालवा में धर्म की रक्षा के लिए तत्पर समाजसेवी अशोक अरोरा गंगानगर पर 4 फरवरी 2024 को प्राण घातक हमला नीमच के लायंस पार्क पर हुआ था। समाजसेवी अशोक अरोरा की हत्या के लिए सरेराह, भरे बाजार धर्म विरोधी आदतन अपराधियों ने अत्याधुनिक हथियारों से हमला किया था, लेकिन धर्म की रक्षा करने वाले सनातनियों की भगवान चार हाथों से रक्षा करते है, यह बात सच साबित हुई। धर्म विरोधी ताकतें परास्त हो गई। समाजसेवी अशोक अरोरा के सुपुत्र अरूल अरोरा गंगानगर ने उसी दिन प्रण ले लिया था कि हर वर्ष 4 फरवरी के दिन घटनास्थल वाले चौराहे लायंस पार्क से ही धर्म का कारवां शुरू होगा। 4 फरवरी 2025 को पैदल यात्रा पहली बार निकली और इस वर्ष यात्रा का दूसरा वर्ष है। यात्रा में करीब 100 किलोमीटर दूरी तक हिंदू सनातन धर्म का ढंका बजता है और एमपी— राजस्थान के हजारों सांवरा के दीवाने झूम उठते है। सर्व समाज ने किया स्वागत— सकल ब्राहृमण समाज, लखेरा समाज ट्रस्ट, अग्रवाल समाज, जैन समाज, क्षत्रीय/राजपूत, यादव समाज, अहीर समाज, पार्षद दल नीमच नगरपालिका, गुर्जर समाज, ग्वाला समाज, पंजाबी समाज, बंजारा समाज, वैश्य समाज, स्वर्णकार समाज, कुचबंदिया समाज, माली समाज, राठौर समाज, लायंस क्लब, रोटरी क्लब, महोश्वरी समाज, साईं बाबा मित्र मंडल, कालू बैरागी मित्र मंडल कनावटी, सायाजी होटल कनावटी, फूलमाली सैनी, प्रेस क्लब, बजरंग दल, नीमच रेडिमेट गारमेंट व्यापारी एसोसिएशन, केटीवी मित्र मंडल, हेल्पिंग हेंड संस्था, महाकालेश्वर उज्जैन पुजारी मंगलेशजी शर्मा, जायसवाल समाज सहित सर्व समाज के अध्यक्ष व उनके पदाधिकारियों ने श्री सांवलिया सेठ पैदल यात्रा का जगह—जगह स्वागत किया। विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने विभिन्न स्थानों पर मंच लगाकर पुष्प वर्षा कर पैदल यात्रा का स्वागत किया गया।