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दबंगई की भेंट चढ़ती सुरक्षा: डीकैन ग्रिड ऑपरेटर की मनमानी के आगे बेबस अधिकारी और कर्मचारी

डीकैन - ( संजय जैन) विद्युत विभाग के ग्रिड ऑपरेटर की मनमानी और हठधर्मिता के चलते फील्ड में काम करने वाले लाइनमैनों की जान जोखिम में है। ताज़ा मामला बस स्टैंड क्षेत्र का है, जहाँ एक उपभोक्ता की विद्युत समस्या सुधारने के दौरान ग्रिड ऑपरेटर गोपाल सेन द्वारा परमिट देने से साफ इंकार करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार, बस स्टैंड स्थित उपभोक्ता कारुलाल मांगीलाल पाटीदार के घर की बिजली बंद होने की शिकायत मिली थी। शिकायत के निवारण के लिए जब लाइनमैन मेन पोल पर चढ़कर लाइन चेक करने की तैयारी कर रहा था, तब सुरक्षा के लिहाज से ग्रिड से बिजली बंद करने (परमिट) की मांग की गई। "जो करना है कर लो, परमिट नहीं दूंगा" हैरानी की बात यह रही कि ग्रिड ऑपरेटर गोपाल सेन ने लाइनमैन और मौके पर मौजूद अधिकारियों के अनुरोध को सिरे से खारिज कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ऑपरेटर ने बेहद गैर-जिम्मेदाराना लहजा अपनाते हुए कहा, "जो करना है कर लो, परमिट नहीं दूंगा।" बेबस अधिकारी, जोखिम में कर्मचारी इस घटना ने विभाग के भीतर के अनुशासन और समन्वय की पोल खोल दी है। लाइनमैन चालू लाइन पर काम करने को मजबूर हैं, जिससे किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है। सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर एक ऑपरेटर की इतनी दबंगई क्यों कि जिम्मेदार अधिकारी भी उसके आगे बेबस नजर आ रहे हैं । वहीं डीकैन सुपरवाइजर अमित पांडेय भी ग्रिड आपरेटर के आगे नतमस्तक होकर परमिट नहीं जारी करवा पा रहे हैं। इसके चलते पीड़ित उपभोक्ता पिछ्ले चार - पांच दिन से अंधेरे में रहने को मजबुर है। डीकैन क्षेत्र में सिर्फ एक लाईन मेन वो भी आउट सोर्स कर्मचारी के साथ कहा कहां शिकायत निवारण करने जाय ? उपर से अपने अधिकारी की लापरवाही से परेशान। ऐसे में कोन करेगा चालू लाईन पर काम ? "सुरक्षा नियमों की सरेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। अगर चालू लाइन पर काम करते समय किसी कर्मचारी के साथ अनहोनी होती है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा ?" हम चालु लाईन पर कार्य करने में असमर्थ हैं — चिंतित आउट सोर्स कर्मचारी। अब देखना यह है कि विभाग के उच्च अधिकारी इस मामले में दोषी ऑपरेटर पर क्या कार्रवाई करते हैं या फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जाएगा।

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