डीकैन - (संजय जैन ) नीमच-सिंगोली मार्ग पर चल रहा सड़क निर्माण कार्य आमजन के लिए सुविधा के बजाय मुसीबत का सबब बन गया है। निर्माण एजेंसी और ठेकेदार की घोर लापरवाही के कारण यह मार्ग अब दुर्घटनाओं का 'हॉटस्पॉट' बन चुका है। धूल के गुबार और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते आए दिन दोपहिया और चार पहिया वाहन चालक गंभीर सड़क हादसों का शिकार हो रहे हैं। ठेकेदार की मनमानी: न संकेतक, न सुरक्षा सड़क निर्माण के दौरान ठेकेदार द्वारा सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। मोड़ों पर रेडियम संकेतक या चेतावनी बोर्ड न होने से रात के समय वाहन अनियंत्रित होकर पलट रहे हैं। धूल को दबाने के लिए पानी का छिड़काव न होना भी वाहन चालकों की दृश्यता (Visibility) को प्रभावित कर रहा है, जिससे टकराने की घटनाएं बढ़ गई हैं। सिस्टम की मार:- 108 नदारद निजी वाहनों का सहारा विडंबना देखिए, एक तरफ सड़क पर लोग लहूलुहान हो रहे हैं, तो दूसरी तरफ 108 एम्बुलेंस समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही है। डीकैन क्षेत्र में खुद की एम्बुलेंस सुविधा न होने से घायलों को घंटों सड़क पर तड़पना पड़ता है। मजबूरी में परिजनों को हजारों रुपये खर्च कर महंगे निजी वाहनों से घायलों को नीमच रेफर करना पड़ रहा है। मध्यम और गरीब वर्ग के लिए यह 'दोहरी मार' साबित हो रही है। "नगर परिषद डीकैन और जनप्रतिनिधि मौन"- क्षेत्र का सबसे बड़ा स्वास्थ्य केंद्र (PHC) होते हुए भी डीकैन में आपातकालीन सेवाओं का अभाव जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि न तो निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा पर कोई अधिकारी ध्यान दे रहा है और न ही अस्पताल में एम्बुलेंस की मांग को लेकर कोई ठोस पहल की जा रही है। क्षेत्रीय जनता ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि सड़क निर्माण में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कर ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई की जाए। डीकैन PHC पर तत्काल एम्बुलेंस की स्थाई व्यवस्था की जाए ताकि सड़क हादसों में घायल होने वालों को समय पर 'गोल्डन ऑवर' में इलाज मिल सके।