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सोयाबीन,मक्का,मूंगफली का उत्पादन अच्छा होगा,लहसुन में तेजी रहेगी,भयंकर गर्मी का प्रकोप रहेगा,तेज आंधी तूफान आएंगे आगजनी होगी - श्री गुर्जरखेड़ा सरकार

जावी - नीमच जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कमल सरोवर की नगरी जावी के जावी - सरवानिया महाराज मार्ग पर स्थित दीन दुखियों के शरण स्थल श्री गुर्जरखेड़ा धाम जावी में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी मां नवदुर्गा के आराधना पर्व चैत्र नवरात्री के पावन अवसर पर महानवमी को प्रातः से ही मन्दिर पर स्थापित देवों का श्रृंगार, वैदिक मंत्रोंपचार से पूजन, अर्चन, हवन, कन्या पूजन ओर महाआरती हुई। ततपश्चात पंडाजी घनश्याम लौहार के तन में श्री गुर्जरखेड़ा सरकार पधारें और अन्य देवताओं के आह्वान के बाद मन्दिर की एक परिक्रमा कर जलकुंभ में पाती विसर्जन कर श्री गुर्जरखेड़ा सरकार पंडाजी घनश्याम लौहार के मुख से छमाही भविष्यवाणी की। श्री गुर्जरखेड़ा सरकार ने छमाही भविष्यवाणी करते हुए कहा कि आगामी छमाह में गर्मी का भयंकर प्रकोप रहेगा गर्मी इतनी तेज रहेगी की गर्मी की तपन से स्वत: ही अग्नि उत्पन्न हो जाएगी गर्मी में सामान्यतः आंधी तूफान चलेंगे परंतु तीन आंधी तूफान इतने विकराल आएंगे की उस आंधी तूफान से जनहानि होगी। आंधी तूफान का प्रकोप बहुत ज्यादा रहेगा। जनमानस को सावधान, सतर्क और सचेत रहना होगा। श्री गुर्जरखेड़ा सरकार ने सम्बोधित करते हुए कहा कि लगते ज्येष्ठ माह में कहीं-कहीं बादल छाएंगे उतरता ज्येष्ठ में भी कहीं-कहीं बादल छाएंगे और हल्की बूंदाबांदी होगी इस बार दो बारिश (वावड़ी) होगी और एक जोरदार डोंगड़ा (बारिश) होगी जो आपके मन को ललचाने जैसी होगी। लगते आषाढ़ की बारस तेरस को बारिश (डोंगड़ा) होगा जिससे कहीं-कहीं बोवनी करने जैसी स्थिति बन सकती है अपने विवेक का उपयोग करना। उतरते आषाढ़ की सप्तमी और अष्टमी को बादल छाएंगे। पहली (वावणी) बारिश लगते सावन की एकम से पंचमी के बीच होगी और दूसरी वावणी (बारिश) बारस तेरस को होगी। वावणी सावन माह में होगी परन्तु सावन माह में 8 से 10 दिन कोरे रहेंगे। आने वाले आगामी दो माह में बारिश कम ज्यादा होगी कहीं कहीं बारिश अच्छी होगी जिससे कुएं, बावड़िया भर जाएंगे और कहीं अल्पवर्षा होने से कुएं, बावड़ियां खाली रह जाएगी। इस बार बारिश कम होगी। प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी सोयाबीन के पकने के समय बारिश के योग बनेंगे हल्की बारिश होगी जिससे सोयाबीन की उपज लेने में समस्या उत्पन्न होगी। इस वर्ष बारिश कम होने से जल का अभाव रहेगा। श्री गुर्जरखेड़ा सरकार ने फसलों के उत्पादन के बारे में भविष्यवाणी करते हुए कहा कि सोयाबीन का बंपर उत्पादन होगा बारिश कम होने के बाद भी सोयाबीन की अच्छी पैदावार देगी तीन बोरी उत्पादन सामान्य स्थिति में रहेगा। पानी का अभाव होने से मूंगफली का उत्पादन भी अच्छा होगा और मक्के का उत्पादन बंपर होगा जिससे किसानों को अच्छा फायदा होगा। बारिश अल्पवर्षा होने से अजवाइन का उत्पादन प्रभावित होगा बारिश के अजवाइन में 70% ही उत्पादन होगा। इन छमाह में कोई भयानक बीमारी का प्रकोप नहीं होगा परंतु सामान्य बीमारियां चलती रहेगी। राजनीति में निरंतर उठा पटक होगी आगामी 6 माह में दुर्घटना बहुत ज्यादा होगी अपने वाहन को धैर्य और संयम से चलाना ज्यादा तेज और उत्तेजना दुर्घटना का कारण बनेगी प्रतिदिन दुर्घटना में क्षति हुई है ऐसा सुनने को मिलेगा। व्यापार व्यवसाय में सोना चांदी में उतार चढ़ाव निरंतर जारी रहेगा जो भाव सोना चांदी के मिले हैं वह दोबारा नहीं मिलेंगे सोने चांदी में आंशिक उतार चढ़ाव जारी रहेगा। आगामी समय में वस्त्र, किराना, लोहा व्यापार में तेजी रहेगी और सामान्य स्थिति में वस्त्र और लौह व्यापार में मंदी देखी जा सकती है किराना व्यापार तो तेज ही रहेगा। किसानों की उपज में सोयाबीन 5 हजार से 5 हजार 5 सौं और बढ़त में 6 हजार के भाव रहेंगे। लहसुन सामान्य स्तिथि में 12 हजार से 16 हजार और बढ़त में 18 हजार के भाव रहेंगे एक समय ऐसा आएगा कि लहसुन 19 हजार से 22 हजार तक के भाव रहेंगे अपने विवेक का उपयोग करना जिसकी जैसी उपज होगी उसे वैसा भाव मिलेगा। प्याज के भाव 12 सौं से 13 सौं के भाव रहेंगे और ऊंचे में 15 सौं से 17 सौं के भाव रहेंगे सामान्य स्थिति में एक हजार रुपए के भाव मिलेंगे। चना 5 हजार पांच सौं से 6 हजार और 6 हजार पांच सौं के भाव रहेंगे और बढ़त में रहेगा। डॉलर चना 8 हजार से 9 हजार और 9 हजार पांच सौं के भाव रहेंगे। अलसी 7 हजार पांच सौं से 8 हजार पांच सौं और 9 हजार तक के भाव रहेंगे। मसुर 6 हजार से 6 हजार पांच सौं और तेजी में 7 हजार के भाव रहेगें। मेथी 6 हजार से 6 हजार पांच सौं और तेजी में 7 हजार के भाव रहेंगे। मेंथा 6 हजार से 6 हजार 5 सौं और 7 हजार के भाव रहेंगे। प्रतिवर्ष की तुलना में मेथी मेथा से बढ़त में रहेगी।पोस्ता दाना 1 लाख 20 हजार से 1 लाख 65 हजार के भाव रहेंगे आंशिक घटती बढ़ती चलती रहेगी। मक्का 18 सौ से 22 सौं और बढ़त में 23 सौं के भाव रहेंगे। जौं 17 सौं से 2 हजार और 22 सौं के भाव रहेंगे। गेहूं 25 सौं से 3 हजार और 3 हजार से 33 सौं तक के भाव रहेंगे। मूंगफली 6 हजार पांच सौ से 7 हजार के भाव रहेंगे और आंशिक तेजी रहेगी। अजवाइन 13 हजार से 16 हजार और 17 हजार के भाव रहेंगे। ईशोकगुल 14 हजार से 16 हजार के भाव रहेंगे। कलौंजी 18 हजार से 20 हजार और सामान्य स्तिथि 16 हजार से 18 हजार के भाव रहेंगे। ग्वार 4 हजार पांच सौं से 5 हजार और 5 हजार से 5 हजार पांच सौं के भाव रहेंगे आंशिक बढ़त रहेगी। असगंध 28 हजार से 30 हजार और 30 हजार से 36 हजार के भाव रहेंगे। किनोवा 3 हजार से 4 हजार पांच सौं ओर आंशिक घटती बढ़ती रहेगी। धनिया सामान्य स्तर पर 9 हजार से 12 हजार और बढ़त में 14 हजार तक के भाव रहेंगे। चीया सीड्स 14 हजार से 17 हजार और तेजी के भाव रहेंगे। श्री गुर्जरखेड़ा सरकार ने जनमानस को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार अल्पवर्षा होने से उत्पादन प्रभावित होगा उत्पादन की स्तिथि सामान्य करने के लिये दो बार खेड़ा देवता पूजना जिससे उत्पादन भी अच्छा हो और बारिश की स्थिति भी सामान्य बनेगी। पहली बार खेड़ा देवता सावन माह में पूजना और दूसरी बार खेड़ा देवता जब फसल में फूल से फल बनने की स्थिति बने तब पूजना जिससे उत्पादन भी अच्छा होगा और बारिश भी सामान्य रहेगी। हम सभी को अपने नगर के देवी देवताओं को पूजना जिससे विपत्ति नहीं आएगी और जनजीवन सामान्य स्थिति में चलता रहेगा। आगामी 6 माह में दो प्रकार की परेशानियां आएगी घर-घर में माताजी पामणी आएंगे और दूसरी बीमारी माताजी पामणी आने से स्वतः आंखों से आंसू टपकेंगे इसका प्रकोप 12 से 15 दिन तक रहेगा। इस बीमारी के रोकथाम के लिए गांव में माताजी का अभिषेक करना, हवन पूजन करना, अभिषेक के जल का गांव में छिड़काव करना जिससे बीमारी के प्रकोप में आंशिक राहत रहेगी। श्री गुर्जरखेड़ा सरकार ने कहा कि संसार में वह व्यक्ति कभी सुखी नहीं रहेगा जब तक कि वह अपने कार्य के लिए चिंतन ओर मंथन नहीं करेगा और कोई भी कार्य बिना चिंतन मंथन के करेगा तो उसे हमेशा परेशानी ही आती है जैसा कि भगवान का वास मंदिर में है परंतु कलयुग में गौमाता में 33 कोटी देवी देवता का वास है जिस नगर में गौमाता की पूजा होगी गौमाता को भोग लगेगा गौमाता का संरक्षण होगा उसकी चरणरज को व्यक्ति अपने मस्तक पर धारण करेगा तो उसे किसी प्रकार की कोई पीड़ा या समस्या नहीं आएगी। सभी जनमानस को आपस में मेल मिलाप से रहना चाहिए क्योंकि मानवता ही श्रेष्ठ धर्म है हमें एक दूसरे की चिंता करनी चाहिये हम एक दूसरे की चिंता करेंगे जो देवी देवता हमारी चिंता करेंगे। उक्त जानकारी श्री गुर्जरखेड़ा धाम मन्दिर संरक्षक/प्रवक्ता दिलीप पाटीदार जावी ने दी।

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