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तबादले से पहले भ्रष्टाचार का खेल बेनकाब, जिला संयोजक समेत दो अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार।

नीमच। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त संगठन उज्जैन ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक राकेश राठौर एवं उत्कृष्ट बालक छात्रावास नीमच के अधीक्षक हरीश चौहान को कथित रूप से 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया। कार्रवाई कलेक्टर कार्यालय परिसर में की गई, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।

जानकारी के अनुसार जूनियर कन्या छात्रावास कुकड़ेश्वर की अधीक्षिका कुर्दुला एक्का ने लोकायुक्त संगठन उज्जैन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि छात्रावास में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रही विभागीय जांच में सहयोग करने तथा लंबित वेतन जारी कराने के एवज में 1 लाख 25 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी।

लोकायुक्त टीम ने शिकायत का सत्यापन किया। सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपियों को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार रिश्वत की राशि अधीक्षक हरीश चौहान की पैंट की दाहिनी जेब से बरामद की गई।

रिलीव होने से पहले हुई कार्रवाई

सूत्रों के मुताबिक जिला संयोजक राकेश राठौर का तबादला झाबुआ क्षेत्र में हो चुका था और उन्हें गुरुवार को ही वर्तमान पदस्थापना से रिलीव होना था। इसी बीच लोकायुक्त की कार्रवाई ने पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया। विभागीय गलियारों में दिनभर इस कार्रवाई की चर्चा होती रही।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

लोकायुक्त पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा-7 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 61(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई

लोकायुक्त संगठन के अनुसार यह कार्रवाई महानिदेशक योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश एवं पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार यादव के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। ट्रैप दल में डीएसपी दिनेशचंद्र पटेल, निरीक्षक हीना डावर, प्रधान आरक्षक हितेश ललावत, आरक्षक उमेश जाटव, श्याम शर्मा, मोहम्मद इसरार, संजीव कुमारिया तथा कंप्यूटर ऑपरेटर अंजली पुरानिया सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।

1.25 लाख की मांग, 1 लाख लेते हुए ट्रैप।

शिकायतकर्ता के अनुसार 1 लाख 25 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की गई थी। लोकायुक्त टीम ने सत्यापन के बाद कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को 1 लाख रुपये की राशि लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।

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