रामपुरा | जनसुनवाई में दिए गए कलेक्टर के आदेशों का पालन नहीं होने का आरोप लगाते हुए रामपुरा के एक पीड़ित परिवार ने पुनः कलेक्टर नीमच को आवेदन सौंपकर न्याय की मांग की है। परिवार का कहना है कि 23 जून 2026 की जनसुनवाई में दिए गए स्पष्ट निर्देशों के बावजूद आज तक संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। आवेदन के अनुसार, रामपुरा के पुराने बस स्टैंड स्थित सर्वे क्रमांक 422 की शासकीय भूमि, सार्वजनिक कुएं तथा पूर्वजों के धार्मिक चबूतरे पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर निर्माण और टीन शेड लगाए गए हैं। इससे परिवार का आवागमन बाधित हो गया है और धार्मिक स्थल तक पहुंच भी प्रभावित हो रही है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कलेक्टर द्वारा तहसीलदार रामपुरा एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक न तो कब्जा हटाया गया और न ही दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई। परिवार का कहना है कि वे लगातार तहसील, नगर परिषद और थाना के चक्कर काट रहे हैं, जिससे उन्हें मानसिक, आर्थिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि अवैध कब्जे के कारण सार्वजनिक कुएं तक पहुंच बंद हो गई है, जिससे खेती की सिंचाई प्रभावित हो रही है और खड़ी फसलें सूखने की स्थिति में हैं। शिकायतकर्ताओं ने पूर्व में मारपीट और विवाद की घटनाओं का भी हवाला देते हुए भविष्य में किसी अप्रिय घटना की आशंका जताई है। पीड़ित परिवार ने कलेक्टर से मांग की है कि जनसुनवाई में पारित आदेशों का तत्काल पालन कराया जाए, सर्वे क्रमांक 422 से सभी अवैध अतिक्रमण हटाए जाएं तथा संबंधित कब्जाधारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई कर परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।