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नीमच हलचल की खबर का असर बिजली विभाग की लापरवाही पर खबर का बड़ा असर, 4 दिन से अंधेरे में डूबे उपभोक्ता का घर समाचार लगते ही हुआ रोशन

​डीकैन -( संजय जैन) ​डीकैन क्षेत्र में विद्युत वितरण कंपनी की घोर लापरवाही और उदासीनता का एक सनसनीखेज मामला सामने आया था, जहां एक उपभोक्ता का घरेलू कनेक्शन पिछले चार-पांच दिनों से बंद था। लेकिन स्थानीय मीडिया में खबर प्रकाशित होते ही बिजली विभाग हरकत में आया और फौरन कार्रवाई करते हुए उपभोक्ता के घर की बिजली बहाल कर दी। ​चार दिन से बंद था घरेलू कनेक्शन ​डीकैन क्षेत्र के उपभोक्ता शंभुलाला पिता देविलाल का घरेलू विद्युत कनेक्शन पिछले चार-पांच दिनों से पूरी तरह ठप पड़ा था। इस गंभीर समस्या को लेकर जब उपभोक्ता ने स्थानीय लाइनमैन से संपर्क किया, तो कर्मचारियों ने "समय नहीं है" और "सीढ़ी उपलब्ध नहीं है" जैसे बहाने बनाकर मामले को टाल दिया। ​जिम्मेदारों का गैर-जिम्मेदाराना रवैया ​हद तो तब हो गई जब पीड़ित उपभोक्ता ने इस बात की शिकायत संबंधित सुपरवाइजर से की। सुपरवाइजर ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए उल्टा जवाब दिया— “क्या मैं खुद पोल पर चढ़कर लाइन सही करूं?” इस तरह के बयानों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली और जनता के प्रति उनकी जवाबदेही पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया था। ​बरसात में मंडरा रहा था बड़े खतरे का साया ​वर्तमान में लगातार हो रही बरसात के कारण डीकैन क्षेत्र में चारों तरफ नमी और पानी भरा हुआ है। ऐसे मौसम में जहरीले सांप और अन्य खतरनाक कीड़े-मकौड़े निकलने का खतरा चौबीसों घंटे बना रहता है। घरों में अंधेरा रहने के कारण किसी भी वक्त बड़ी अनहोनी या दुर्घटना होने की आशंका से पूरा परिवार दहशत में था। ​हेल्प लाइन नंबर पर लगातार चार-पांच दिनों तक शिकायत दर्ज कराने के बावजूद विभाग के कान पर जूं तक नहीं रेंगी थी और कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा था। ​समाचार का हुआ तत्काल असर, रोशन हुआ घर ​"मीडिया की ताकत और त्वरित असर" — जैसे ही डीकैन क्षेत्र में विद्युत विभाग की मनमानी और उपभोक्ता की इस समस्या का समाचार प्रकाशित हुआ, डीकैन विद्युत वितरण कंपनी के कर्मचारियों ने तत्काल सभी काम छोड़कर मौके का रुख किया। पिछले चार-पांच दिन से अंधेरे में जीवन बिता रहे उपभोक्ता शंभुलाला का घरेलू विद्युत कनेक्शन आखिरकार सुचारू रूप से चालू कर दिया गया, जिससे पीड़ित परिवार और क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है।

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