नौरोजाबादः एसईसीएम जोहिला एरिया के पाली प्रोजेक्ट में एकाउंटेंट के पद पर पदस्थ रहे प्रशांत कुमार डे को रिश्वत मांगने की शिकायत करने की सजा भोगनी पड़ रही है। रिश्वत मांगने की शिकायत के बाद उन पर यह आरोप लगाकर उन्हें नौकरी से हटा दिया गया कि उन्होंने झूठी शिकायत करके कालरी अधिकारी सुदामा मोदी और एनएन भोमिक की छवि खराब करने की कोशिश की है। प्रशांत डे का कहना है कि इस मामले की कोई जांच भी नहीं की गई और उन्हें दोषी ठहरा दिया गया यह है मामलाः प्रशांत डे पाली प्रोजेक्ट में पदस्थ थे और उनका स्थानान्तरण पिनौरा खदान में कर दिया गया था। प्रशांत डे का कहना है कि जब उन्होंने अपना स्थानान्तरण रूकवाने की प्रार्थना की तो उनसे रिश्वत की मांग की गई थी। इस बात की उन्होंने शिकायत कर दी जिसके बाद उनके खिलाफ साजिश रची जाने लगी। साजिश के तहत उन्हें रविवार ड्यूटी पर पिनौरा भेजा गया और वहां उन पर एक कालरी कर्मचारी से हमला करवा दिया गया। इस घटना के दौरान वहां मौजूद पांच अन्य लोग जिनमें एक क्लर्क, एकाउंटेंट, सर्वेयर, गनमेन और एक सुरक्षा प्रभारी ने उन्हें बचाया जो कि घटना के गवाह हैं। उन्होंने इस घटना की जानकारी अपने वरिष्ट कार्यालय को भी दी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।नहीं करवा पा रहे आपरेशनः प्रशांत डे का कहना है कि उनकी पत्नी की आंखों में मोतिया बिंद हो गया है।