रतनगढ़ में घाट सेक्शन मे आज शनिवार को सायं लगभग 5 बजे एक खतरनाक हादसा घटित हो गया। जिसमें घाट क्षेत्र में (एमपीआरडीसी) मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग के आला अधिकारियों की लापरवाही एवं घाट सेक्शन निर्माण कंपनी के ठेकेदार द्वारा खतरनाक मोड़ होने के बाद भी पूरी रेलिंग नहीं लगाए जाने का खामियांजा एक टेंपो चालक को भुगतना पड़ा।वह तो घनिमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।और टेंपो चालक ने सूझबूझ का परिचय देते हुए असंतुलित होकर खाई में गिरते हुए टेंपो से कूद कर किसी तरह से अपनी जान बचा ली। वरना लगभग 300 फीट से भी ऊपर से गिरने के बाद भी टेंपो चालक की जान बच गई।यह किसी आश्चर्यजनक घटना से कम नहीं है। घायल टेंपो चालक पंकज के सिर एवं गर्दन के पिछले हिस्से में गम्भीर चोट आई है।ज्ञात रहे की जगह-जगह से हो रहे भूस्खलन एवं गंभीर हादसों को निमंत्रण दे रहे घाट क्षेत्र मैं प्रतिदिन सैकड़ो वाहन चालक अपनी जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं।कई बार विभागीय अधिकारियों को जानकारी देने के बाद भी इस और किसी का कोई ध्यान नहीं है।ऐसा लग रहा है ।कि कभी कोई बड़ा जानलेवा हादसा होने के बाद ही एमपी आरडीसी के आला अधिकारी एवं निर्माण कंपनी के ठेकेदार के द्वारा इस घाट क्षेत्र की सुध ली जाएगी। विस्तृत जानकारी के अनुसार पंकज पिता हरिदास बैरागी उम्र 24 वर्ष निवासी चंपी नीमच जो कि गांव में ही क्रेशर पर एलएनटी मशीन चलाने का कार्य करता है।एक मोटरसाइकिल को छोड़ने के लिए टेंपो में रखकर आवल हेड़ा गांव गए थे।वापसी में रतनगढ़ घाट में अचानक टेंपो क्रमांक आर.जे.35 जी.2538 असंतुलित होकर रेलिंग के लिए लगाए गए खंबे से टकराकर लगभग 300 फीट से भी नीचे खाई में पलटी खा गया।इस दौरान टेंपो मालिक मिश्रीलाल पिता मोहनलाल कुमावत निवासी चम्पी नीमच एवं संजय मेघवाल निवासी जमुनिया कला जो मोटर साइकिल पर सिंगोली तरफ से टेंपो के पीछे- पीछे ही आ रहे थे। अचानक हुए इस हादसे को देखकर घबरा गए। एवं पुलिस एवं ग्रामीणों की मदद से घायल टेंपो चालक पंकज बैरागी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रतनगढ पर ले गए। जहां पर पदस्थ चिकित्सक मोहन मुजाल्दे,तारेश ग्वाला, अनीशा मेघवाल एवं स्टाफ के द्वारा प्राथमिक उपचार के पश्चात रतनगढ़ में 108 एंबुलेंस की सुविधा नहीं होने के कारण सिंगोली से बुलाई गई 108 एम्बुलेंस के जरिए जिला चिकित्सालय नीमच के लिए रेफर किया गया।