जीरन - चीताखेड़ा मंडी रोड पर आज दिनांक 7 फरवरी शनिवार शाम करीब 4 बजे से मृत पशु वाहन की एक ट्रॉली सड़क के बीचों-बीच खड़ी रही, जिससे घंटों तक यातायात बाधित रहा और दुर्घटना की आशंका बनी रही। हैरानी की बात यह रही कि नगर परिषद जीरन के जिम्मेदार कर्मचारी मौके से पूरी तरह नदारद नजर आए। स्थानीय नागरिकों और गोरक्षकों के अनुसार नगर परिषद जीरन के सीएमओ को कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। अन्य कर्मचारियों से संपर्क करने पर भी कोई ठोस जवाब नहीं मिला। सड़क के बीचो-बीच खड़ी ट्रॉली के कारण दोपहिया व चारपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही के बीच किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। नगर परिषद की उदासीनता से नाराज स्थानीय लोगों और गोरक्षकों ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि समय रहते ट्रॉली नहीं हटाई जाती तो जनहानि की पूरी आशंका थी। लोगों ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है। इसी बीच भाजपा के पूर्व दक्षिण मंडल अध्यक्ष मधुसूदन राजौरा ने जिम्मेदारी का परिचय देते हुए अपने निजी ट्रैक्टर की मदद से सड़क के बीच खड़ी ट्रॉली को हटवाया, जिससे यातायात सुचारू हो सका। उनके इस प्रयास से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। अब सवाल यह उठता है कि नगर परिषद जीरन कब नींद से जागेगी और आम जनता की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाएगी, या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।