जावी - नीमच जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कमल सरोवर की नगरी जावी के जावी - सरवानिया महाराज मार्ग पर स्थित दीन दुखियों के शरण स्थल ऐतिहासिक श्री गुर्जरखेड़ा धाम पर महाशिवरात्रि महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। उक्त संदर्भ में जानकारी देते हुए श्री गुर्जरखेड़ा धाम मंदिर समिति सदस्यों ने बताया कि प्रातः से ही मंदिर पर विधिविधान से पूजन अर्चन का दौर प्रारंभ हुआ। सर्वप्रथम पं. हरिओम तिवारी ने मंत्रोपचार से मंदिर पर विराजमान देवों व चूल का पूजन अर्चन किया। तत्पश्चात महाआरती हुई। महाआरती के पश्चात नाथों के नाथ श्री अघोरी नाथ पंडाजी घनश्याम लोहार के तन में पधारें और 41 कुएं, बावड़ियों के संग्रहित जल के 16 मिट्टी कलश से स्नान लेकर मिट्टी कलश को अपने सीने पर फोड़ें। ततपश्चात मन्दिर सेवादारों द्वारा श्री अगोरी नाथ को बाघम्बरी धारण करवाई श्री अगोरी नाथ ने मन्दिर की परिक्रमा कर धधकते अंगारों की वृहद चूल में निकलें ततपश्चात अन्य देव सेवक, धर्मपुत्र, धर्मपुत्री एवं सेवादार सहित अंचल के सैकड़ों भक्तजन, माताएं, बहिनें, बच्चें चूल में हर हर बम बम, ॐ नमः शिवाय का उच्चारण करते हुए निकलें। महोत्सव का समापन साबूदाने की खिचड़ी व फलों की महाप्रसादी का वितरण के साथ हुआ। उक्त जानकारी श्री गुर्जरखेड़ा धाम मंदिर समिति प्रवक्ता दिलीप पाटीदार जावी ने दी।