जीरन - शासकीय महाविद्यालय में एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है। महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य दीपा कुमावत द्वारा अतिथि विद्वान डॉ. शिखा सोनी को नौकरी से हटाने की सूचना दिए जाने के बाद परिसर में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सूत्रों के अनुसार, इस निर्णय के बाद महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप लगाए जा रहे हैं कि प्रभारी प्राचार्य के कथित तानाशाही रवैये के कारण स्टाफ सदस्य या तो स्वयं संस्थान छोड़ रहे हैं या फिर उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि लगातार बढ़ते विवादों और प्रशासनिक निर्णयों से महाविद्यालय की छवि प्रभावित हो रही है। वहीं, जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अब तक किसी ठोस संज्ञान या सार्वजनिक प्रतिक्रिया का अभाव भी सवालों के घेरे में है। हालांकि, पूरे मामले में महाविद्यालय प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान आना शेष है। (मामले से जुड़े सभी पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद विस्तृत समाचार प्रस्तुत किया जाएगा।)