रतनगढ़ - रतनगढ़ गुंजालिया जाने वाले मार्ग पर पुलिया रिपेयरिंग कहे या निर्माण का कार्य जो पिछले 15 दिनों से चल रहा है बताया जा रहा है कि इस पुलिया में पानी निकासी के लिए दो पाईप और बढ़ाए गए हैं।जिससे यह कार्य निर्माण की श्रेणी में आ रहा है लगभग 20 से 25 फीट से अधिक का कार्य भी हो चुका है। लेकिन वर्तमान में जो निर्माण कार्य चल रहा है।उसमें इंजीनियर की लापरवाही के चलते पूरी तरह से घटिया सामग्री से अव्यवस्थित निर्माण कार्य चल रहा है। क्षेत्र वासियों का आरोप है कि उक्त कार्य भारी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है। कार्य की गुणवत्ता का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि लोहे के सरियो का जाल बिछाकर सीसी किया गया है और अब जेसीबी से खड्डा खोदकर पाईप लाईन डाली जा रही है जिसके कारण बनाई गई पूरी पुलिया में भारी दरारें आ गई है और सरिये भी बाहर निकल गए है पिछले चार-पांच महीने से नगर परिषद की बैठक नहीं हो पाने के कारण जनता के पैसों का विकास के नाम पर भारी दुरुपयोग किया जा रहा है। यह पाइप लाइन 10 दिन पहले भी डाली जा सकती थी। अब निश्चित रूप से रिपेयरिंग के नाम पर केवल लीपापोती कर छोड़ दिया जाएगा , लोगो का कहना है कि यह घटिया निर्माण कार्य एक बारिश की मार भी नहीं झेल पाएगा, इसमें भी असमंजस व संदेह की स्थिति है।क्योंकि उक्त कार्य में जो सलिया लगाया गया है, बहुत ही निम्न व घटिया क्वालिटी का लगाया गया है। पुलिया की मजबूती व सुदृढता के लिए जाल केवल 15 सेंटीमीटर से 20 सेंटीमीटर की दूरी पर ही होना चाहिए।लेकिन निर्माण कर्ताओ के द्वारा लगभग 40 से 45 सेंटीमीटर की दूरी पर गुणवत्ता विहीन सरिये से जमीन की सतह से चिपका कर जाल बिछा दिया गया है।जबकि उसे एंकरिंग बार का उपयोग करते हुए ऊंचाई पर बिछाया जाना आवश्यक है। निश्चित रूप से जाल में लगने वाला सरिया बचाने के लिए यह पूरा खेल खेला जा रहा है। पुलिया के ऊपर जो सीमेंट कंक्रीट किया जा रहा है। वह 30 से 45 सेंटीमीटर ऊंचा है। जिसमे सीमेंट कंक्रीट एवं रेती की मात्रा भी सही नहीं डाली जा रही है।निश्चित रूप से घटिया किस्म से निर्मित यह पूलिया एक बरसात की मार भी नहीं झेल पाएगा। प्रशासन को चाहिए कि शीघ्र ही निर्माणाधीन पुलिया की गुणवत्ता की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करें।