— पीड़ित आउटसोर्स कर्मचारी प्रशासन से ठोस हस्तक्षेप की मांग कर्मचारियों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन से इस संवेदनशील मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।" />
डीकेन ( संजय जैन ) - मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, नीमच के अंतर्गत कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के सब्र का बांध अब टूट चुका है। अपनी जायज मांगों और बकाया एरियर राशि के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे इन कर्मचारियों ने 'मेसर्स ऑल सर्विस ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड, मुंबई' के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। एरियर के नाम पर 'छलावा' और आर्थिक तंगी कर्मचारियों का आरोप है कि ठेका कंपनी 'ऑल सर्विस ग्लोबल' द्वारा उनके हक( एरियर ) की राशि का समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है। पूर्व में जब कर्मचारियों ने कलेक्टर और अधीक्षण यंत्री (SE) कार्यालय का घेराव कर ज्ञापन सौंपा था, तब प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद कंपनी ने आनन-फानन में 'आधा-अधूरा' एरियर देकर मामला शांत कराने की कोशिश की थी। आज महीनों बीत जाने के बाद भी शेष बकाया राशि का भुगतान अधर में लटका है। अल्प वेतन में दिन-रात बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने वाले इन मैदानी योद्धाओं का कहना है कि बकाया पैसा न मिलने से उनके सामने परिवार के पालन-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। ग्रेच्युटी और टेंडर समाप्ति पर गहराया संकट मामले में एक नया मोड़ यह है कि उक्त ठेका कंपनी का टेंडर मार्च 2026 में समाप्त होने वाला है। ऐसे में कर्मचारियों में भारी भय व्याप्त है कि यदि टेंडर खत्म होने से पहले उनकी बकाया राशि और शासन के नियमानुसार ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं किया गया, तो कंपनी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेगी। कर्मचारियों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि कंपनी द्वारा किया जा रहा मानसिक शोषण अब बर्दाश्त से बाहर है। "हम अपनी जान जोखिम में डालकर जनता को निर्बाध बिजली सेवा देते हैं, लेकिन बदले में हमें सिर्फ आश्वासन और अधूरा भुगतान मिलता है। यदि हमारी रुकी हुई एरियर राशि और ग्रेच्युटी का तत्काल भुगतान नहीं हुआ, तो हम काम बंद कर सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।" > — पीड़ित आउटसोर्स कर्मचारी प्रशासन से ठोस हस्तक्षेप की मांग कर्मचारियों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन से इस संवेदनशील मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।