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सरवानिया शासकीय सांदीपनि विद्यालय का परीक्षा परिणाम निराशाजनक, शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

सरवानिया महाराज - शहर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक सांदीपनि विद्यालय में इस वर्ष कक्षा 9वीं एवं 11वीं का परीक्षा परिणाम बेहद निराशाजनक सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कक्षा 9वीं का परिणाम मात्र 31 प्रतिशत, जबकि कक्षा 11वीं का परिणाम लगभग 48 प्रतिशत रहा, जो अपेक्षाकृत काफी कम माना जा रहा है। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार परिणाम में भारी गिरावट दर्ज होने से छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षा से जुड़े लोगों में चिंता का माहौल बना हुआ है। विद्यालय के इतने कमजोर परिणाम को लेकर अब शिक्षण व्यवस्था, पढ़ाई के स्तर और विद्यार्थियों की तैयारी पर कई सवाल खड़े होने लगे हैं। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में हाल ही में कक्षा 9वीं और 11वीं के परिणाम जारी किए गए हैं, जो छात्रों के भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण माने जाते हैं। ऐसे में किसी भी विद्यालय का कमजोर परिणाम शिक्षा की गुणवत्ता पर सीधा प्रभाव डालता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्यालय में नियमित पढ़ाई, अनुशासन और सतत मॉनिटरिंग पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि आने वाले समय में परिणाम में सुधार किया जा सके। वहीं अभिभावकों ने भी मांग की है कि शिक्षकों की जिम्मेदारी तय कर छात्रों की पढ़ाई पर विशेष फोकस किया जाए। विद्यालय की प्राचार्य स्मिता नागदा ने बताया कि अब तक कक्षा 9वीं तक बेस्ट ऑफ फाइव प्रणाली लागू थी, जो इस बार समाप्त हो गई। इसके साथ ही 12 विद्यार्थी केवल एक विषय में अनुत्तीर्ण हुए, जबकि 10 छात्र पहले भी फेल थे और इस बार भी अनुत्तीर्ण रहे। उन्होंने बताया कि बच्चों की अनुपस्थिति काफी अधिक रही और बार-बार प्रयास करने के बाद भी वे स्कूल नहीं आ रहे थे। विद्यालय द्वारा व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर अभिभावकों से संपर्क बनाए रखने का प्रयास किया गया, लेकिन कुछ बच्चों ने अपने अभिभावकों के मोबाइल से शिक्षकों के नंबर तक ब्लॉक कर दिए, अभिभावक भी बच्चों की पढ़ाई को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार कई बच्चों को यह भ्रम था कि केवल ऑब्जेक्टिव प्रश्न पढ़कर पास हो जाएंगे, लेकिन अब एनसीईआरटी सिलेबस में नियमित कक्षा और लगातार अध्ययन के बिना पास होना संभव नहीं है। इनका कहना - हमारे द्वारा स्कूल के प्राचार्य एवं संबंधित विषय के शिक्षकों को नोटिस जारी किया जा रहा है। जिन विषयों में 50 प्रतिशत से कम परिणाम रहा है, उन विषयों के शिक्षकों को नोटिस दिया जा रहा है। -सुजानमल मांगरिया जिला शिक्षा अधिकारी नीमच

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