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विद्यालय बंद फिर भी फीस चालू प्राइवेट स्कूलों की मनमानी से अभिभावक परेशान

रामपुरा - शिक्षा के क्षेत्र में निजी विद्यालयों की बढ़ती मनमानी एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान भी कई प्राइवेट स्कूल अभिभावकों से नियमित रूप से शिक्षण शुल्क वसूल रहे हैं, जिससे अभिभावकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। अभिभावकों का कहना है कि जब स्कूल पूरी तरह बंद हैं, न तो कक्षाएं संचालित हो रही हैं और न ही किसी प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियां चल रही हैं, फिर भी फीस वसूली जारी है। ऐसे में यह सीधा आर्थिक बोझ बनता जा रहा है। कई परिवारों ने इसे “अनुचित और शोषणकारी” बताया है। कुछ अभिभावकों ने बताया कि पहले ही हर साल किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य खर्चों से आर्थिक दबाव बना रहता है, और अब छुट्टियों में भी फीस देना मजबूरी बन गया है। “स्कूल बंद है, बच्चा घर पर है, फिर भी फीस देना पड़ रहा है—ये कहां का नियम है?” एक अभिभावक ने नाराजगी जताते हुए कहा। विशेषज्ञों का मानना है कि निजी स्कूलों को फीस निर्धारण में पारदर्शिता रखनी चाहिए और अवकाश अवधि के दौरान शुल्क को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए। वहीं, अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई की जाए। शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार, फीस वसूली को लेकर कुछ दिशा-निर्देश तय हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनका पालन नहीं हो रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या संबंधित अधिकारी इस पर संज्ञान लेंगे या अभिभावकों को यूं ही मनमानी का सामना करना पड़ेगा। फिलहाल यह मुद्दा तेजी से तूल पकड़ता जा रहा है और अभिभावक न्याय की उम्मीद में प्रशासन की ओर देख रहे हैं।

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