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बरेखन की गौ शाला मे श्रीमद् भागवत की कथा मे बह रही धर्म की ज्ञान गंगा, भीषण गर्मी में भी उमड़ रहा श्रद्धालुओं का सैलाब

डिकेन/ बरेखन - (संजय जैन डीकैन) पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर श्रीमद् भागवत गौशाला बरेखन में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। 17 मई से शुरू हुई इस कथा में मालव माटी के लाल, माँ सरस्वती के वरद पुत्र और परम गोभक्त पंडित श्री कमल किशोर जी नागर के मुखारविंद से प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे से धर्म की ज्ञान गंगा बह रही है। इस कथा प्रवचन को सुनने और आत्मसात करने के लिए रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्तगण पंडाल में पहुँचकर भक्ति रस में डुबकियां लगा रहे हैं। ​मोह-माया छोड़ प्रभु भक्ति में लीन हो मनुष्य ​व्यास पीठ पर विराजित संत श्री कमल किशोर जी नागर ने अपने मर्मस्पर्शी प्रवचनों में वर्तमान समाज की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा: ​"वर्तमान समय में लोग पाप की ओर अधिक अग्रसर हो रहे हैं और पुण्य के मार्ग से अपने कदमों को पीछे खिसका रहे हैं। मनुष्य को मोह-माया के बंधनों से दूर रहकर प्रभु भक्ति में लीन होना चाहिए। इंसान के अंतिम समय में धन-दौलत, सोना-चांदी, मकान-दुकान या सगे-संबंधी कुछ भी साथ नहीं जाते, सब यहीं छूट जाते हैं। केवल हमारे द्वारा किया गया पुण्य ही मृत्यु के बाद भी हमारे साथ जाता है।" ​उन्होंने भक्तों को प्रेरित करते हुए कहा कि जब भी जीवन में समय मिले, भजन-कीर्तन और हरि का स्मरण निस्वार्थ भाव से करते रहना चाहिए। ​'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का महाजाप और भजनों की धूम ​कथा के दौरान माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आ रहा है। संत श्री नागर द्वारा कथा के बीच-बीच में श्रद्धालुओं से "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का सामूहिक महाजाप भी कराया जा रहा है, जिससे पूरा पंडाल गुंजायमान हो उठता है। वहीं, व्यास पीठ पर मौजूद बाल संत गोविंद नागर ने भी अपनी मधुर वाणी से उपस्थित जनसमुदाय को आशीर्वाद देकर मंत्रमुग्ध कर दिया। ​भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है। मधुर भजनों की धुन पर महिला और पुरुष श्रद्धालु झूमते हुए ईश्वरीय भक्ति रस का भरपूर आनंद ले रहे हैं। ​मुख्य यजमानों ने किया पोथी पूजन ​इस धार्मिक अनुष्ठान के मुख्य आयोजक और यजमान नीमच निवासी श्री हिम्मतसिंह (भरंग) यादव एवं श्री शंभूदयाल शर्मा परिवार ने व्यास पीठ पर विराजित संत श्री नागर और श्रीमद्भागवत पोथी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। यह कथा आगामी 23 मई (रविवार) तक निरंतर जारी रहेगी।

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