रतनगढ़ - प्रशासन एवं राजनेता चाहे लाख दावे कर ले लेकिन रतनगढ़ क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति लगातार बद से बदतर होती जा रही है। रतनगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जहां पर ग्वालियर कला से लेकर लुहारिया चुंडावत सहित राजस्थान के जावदा गोपालपुरा तक के दूरदराज गांवो के मरीज बड़ी संख्या में अपना इलाज कराने के लिए यहां पहुंचते हैं, लेकिन पिछले लगभग 15 दिनों से यहां की निःशुल्क 108 एम्बुलेंस जो पूरी तरह से इतनी खटारा व भंगार हो चुकी है।कि शायद उसे भंगार वाले भी स्क्रैप में भी खरीदने से इंकार कर दे।मरीजों को सुविधा प्रदान करने के नाम पर केवल कागजों में ही इसकी उपस्थिति दर्ज कर लगातार मेंटेनेंस के नाम पर बड़ी राशि निकाली जा रही है, पिछले लगभग 15 दिनों से लावारिस अवस्था में रतनगढ़ आड़ा अवला खाल के पास एक मैकेनिक के यहां पर पड़ी हुई है।आपको जानकारी के लिए बता दें कि यह पहली बार नहीं हुआ है, मात्र 15 से 20 दिनों के अंतराल में यह एंबुलेंस रतनगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर केवल मुंह दिखाई की रस्म अदा कर वापस रिपेयरिंग के लिए मेकेनिक के पास पहुंच जाती है।इसे हम स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नेताओं की उदासीनता कहे या रतनगढ़ का दुर्भाग्य कि यहां पर बीमार या दुर्घटना ग्रस्त दर्द से कराहते मरीजों को अपने स्वयं के व्यय से जिला चिकित्सालय या अन्यत्र इलाज करवाने के लिए ले जाना पड़ता है। रतनगढ़ क्षेत्र में लगभग 80 से 90 गांव लगते हैं आसपास के आदिवासियों और गरीबों को निःशुल्क 108 एंबुलेंस की आवश्यकता पड़ती है। लेकिन यहां 108 एंबुलेंस मौजूद नहीं रहती है और अगर रतनगढ़ स्वास्थ्य केंद्र पर 108 एंबुलेंस मौजूद होती भी है।तो मरीज इसको देखकर इस खटारा एंबुलेंस में जाने से मना कर देता है, रतनगढ़ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की खटारा व जर्जर एम्बुलेंस अब पूरी तरह से मरीजों के लिए मुसीबत व जानलेवा बन चुकी है, जिसमें जाने वाले मरीजों की जान से खिलवाड़ हो रहा है। जब भी मरीज को 108 एंबुलेंस की आवश्यकता पड़ती है उस वक्त जानकारी मिलती है कि 108 एंबुलेंस तो यहां पर है ही नहीं वह तो वर्कशॉप पर ठीक होने के लिए पड़ी है। रतनगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पूर्व में पदस्थ एवं वर्तमान में प्रभारी ब्लाक मेडिकल ऑफिसर मोहन मुजाल्दे द्वारा जिला कलेक्टर महोदय नीमच एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी नीमच को रतनगढ में नई 108 एंबुलेंस के लिए आवेदन भी दिया जा चुका है, साथ ही जन प्रतिनिधियों को भी इस गंभीर समस्या से अवगत कराया जा चुका है।लेकिन आज तक इस गम्भीर समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। अब सवाल यह उठता है कि आखिर कब जागेगा प्रशासन...? क्या किसी बड़े गम्भीर हादसे के घटित होने के बाद ही रतनगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को नई एंबुलेंस मिल सकेगी।