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नीमच गांधी भवन के सामने 'हरियाली की हत्या': रसायनों से सुखाया जीवित पेड़, कलेक्टर से शिकायत।

नीमच। शहर के हृदय स्थल गांधी वाटिका चौराहा स्थित कांग्रेस कार्यालय (गांधी भवन) के सामने एक हरे-भरे जीवित वृक्ष को रसायनों के जरिए जानबूझकर नष्ट करने का गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में जागरूक नागरिक अवध शर्मा ने जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।क्या है पूरा मामला?शिकायत के अनुसार, गांधी भवन के सामने स्थित एक निर्माणाधीन भवन के पास खड़े जीवित पेड़ के तने में अज्ञात/संदिग्ध व्यक्तियों द्वारा छेद किए गए। इसके बाद उनमें संभवतः एसिड या कोई घातक रसायन डाल दिया गया, जिससे लहलहाता पेड़ पूरी तरह सूख चुका है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह कृत्य निर्माणाधीन कार्य से जुड़े लोगों द्वारा अपनी सुविधा के लिए किया गया है।नियमों की धज्जियां उड़ींआवेदन में उल्लेख किया गया है कि यह कृत्य न केवल पर्यावरण को क्षति पहुँचाने वाला है, बल्कि कई कानूनों का सीधा उल्लंघन भी है:पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 की धारा 15भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 425, 426 और 427इसके साथ ही यह नगर पालिका और वन विभाग के नियमों के विरुद्ध भी एक दंडनीय अपराध है।जांच और कार्रवाई की मांगशिकायतकर्ता ने प्रशासन से निम्नलिखित मांगें की हैं:मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की जाए।संबंधित निर्माणकर्ता/बिल्डर और संदिग्ध दोषियों के विरुद्ध FIR दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई हो।घटनास्थल के आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जाएं ताकि दोषियों की पहचान हो सके।भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि यदि विकास के नाम पर इसी तरह पेड़ों की "हत्या" होती रही, तो शहर का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ जाएगा। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है।

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