सरवानिया महाराज - (अनिल लक्षकार) नगर मे आज धनगर पूर्बिया समाज सरवानिया महाराज द्वारा लोक माता अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजनों एवं युवाओं ने लोक माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा उनके महान कार्यों को स्मरण किया। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजन डॉ. राजू पाल, भूपेश देवड़ा, मन्नालाल जी एवं कारूलाल उपस्थित रहे। वहीं युवा साथियों में श्री पाल, राकेश, भगत, प्रहलाद, घनश्याम, महेश, भरत, ईश्वर, भीम, दशरथ, सोनू सहित समाज के अनेक नवयुवकों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान सभी ने बारी-बारी से लोक माता अहिल्याबाई होल्कर के जीवन, संघर्ष, जनसेवा और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया। वक्ताओं ने बताया कि अहिल्याबाई होल्कर ने अपने न्यायपूर्ण शासन, प्रजावत्सल स्वभाव, धर्म एवं संस्कृति के संरक्षण तथा जनकल्याणकारी कार्यों के कारण *“पुण्यश्लोका”* की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने देशभर के अनेक प्राचीन मंदिरों और तीर्थस्थलों का पुनर्निर्माण एवं जीर्णोद्धार करवाकर भारतीय संस्कृति को नई पहचान दिलाई। सभी वक्ताओं ने समाज को लोक माता के आदर्शों से प्रेरणा लेने, शिक्षा को बढ़ावा देने, सामाजिक एकता बनाए रखने तथा सेवा एवं सद्भाव के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं ने भी समाज हित में कार्य करने एवं लोक माता के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। अंत में सभी समाजजनों ने लोक माता अहिल्याबाई होल्कर को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।धनगर पूर्बिया समाज, सरवानिया महाराज द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम समाज में एकता, संस्कार एवं प्रेरणा का संदेश देने वाला रहा। कार्यक्रम की जानकारी अर्जुन पाल और भैरुलाल देवड़ा द्वारा दी गई।